हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की परंपरा में विभिन्न कालखण्डों के नामकरण को लेकर विद्वानों में कई तरह के मतभेद देखने को मिलते हैं। आदिकाल के साथ भी यही समस्या दिखाई देती है, विभिन्न विद्वानों ने साहित्यिक और सामाजिक प्रवृत्ति के आधार पर इसके नाम रखें हैं, जो कि निम्नलिखित हैं –
| क्र.स. | नाम | विद्वान |
|---|---|---|
| 1 | वीरगाथा काल | आचार्य रामचंद्र शुक्ल |
| 2 | चारणकाल | ग्रियर्सन |
| 3 | प्रारंभिक काल | मिश्र बंधु |
| 4 | बीजवपन काल | महावीर प्रसाद द्विवेदी |
| 5 | संधि या चारण काल | डॉ. रामकुमार वर्मा |
| 6 | संक्रमण काल | रामखेलावन पांडे |
| 7 | वीर काल | विश्वनाथ प्रसाद मिश्र |
| 8 | आधार काल | डॉ मोहन अवस्थी |
| 9 | अपभ्रंश काल | डॉ धीरेन्द्र वर्मा |
| 10 | आदिकाल | हजारी प्रसाद द्विवेदी |
| 11 | अंधकार काल | कमल कुलश्रेष्ठ |










