साहित्यकारों की उपाधियां

हिंदी साहित्य में विभिन्न आलोचकों के द्वारा कई साहित्यकारों को उनके साहित्यिक गुणों के आधार पर उपाधियां प्रदान की गई ...
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तार सप्तक के कवि

हिंदी साहित्य में ‘तार सप्तक’ के प्रकाशन के बाद ही ‘प्रयोगवाद’ का प्रारम्भ माना जाता है। अज्ञेय के संपादन में ...
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भक्तिकाल के प्रमुख संप्रदाय और उनके प्रवर्तक

भक्तिकाल में कई ऐसे संप्रदाय हुए, जिन्होंने अपनी विचारधारा से लोगों को प्रभावित किया। निम्नलिखित सूची में इन्हीं संप्रदायों और ...
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अष्टछाप के कवि

सन् 1565 ई. में विट्ठलनाथ के द्वारा अष्टछाप की स्थापना की गई। इसमें आठ कवियों को शामिल किया गया , ...
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हिंदी साहित्य के इतिहास ग्रंथ

हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन का प्रयास तो हमें आरंभिक दौर में ही देखने को मिल जाता है, परन्तु यह ...
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रीतिकाल के नामकरण

हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की परंपरा में जिन कालखण्डों के नाम को लेकर मतभेद देखने को मिलते हैं, उनमें ...
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आदिकाल के नामकरण

हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की परंपरा में विभिन्न कालखण्डों के नामकरण को लेकर विद्वानों में कई तरह के मतभेद ...
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स्वच्छंदतावाद क्या है ?

भूमिका स्वच्छंदतावाद (Romanticism) साहित्य, कला और दर्शन का वह महत्त्वपूर्ण आंदोलन है जिसने अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध और उन्नीसवीं शताब्दी ...
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आधुनिकतावाद क्या है ?

भूमिका बीसवीं शताब्दी मानव इतिहास का एक निर्णायक कालखंड है। औद्योगिक क्रांति, वैज्ञानिक आविष्कार, दो विश्व युद्ध, उपनिवेशवाद का पतन, ...
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उत्तर-संरचनावाद क्या है ?

भूमिका बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में पश्चिमी चिंतन-परंपरा में एक महत्त्वपूर्ण वैचारिक उद्भव हुआ, जिसे ‘उत्तर–संरचनावाद’ के नाम से जाना ...
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