हिंदी साहित्य प्रश्नोत्तरी (भाग-20)

1➤ प्रगतिवाद और प्रगतिशीलता में क्या अन्तर है ?





2➤ ‘हिंदी कहानी का रचना विधान’ नामक कृति के प्रणेता हैं ?





3➤ हिंदी का पहला प्रतीक धर्मी नाटक है ?





4➤ ‘कामायनी एक पुनर्विचार’ नामक प्रसिद्ध आलोचना ग्रंथ के लेखक हैं ?





5➤ “उचित चेति च्यंति लै ताही।”- पदांश में प्रयुक्त ‘च्यंति’ शब्द बाबू श्यामसुंदर दास के विचार से कबीर की भक्ति की विशेषता प्रकट करने वाला है। किस विशेषता को व्यक्त करता है यह शब्द ‘च्यंति’?





6➤ “कबीर का गर्व और दैन्य, दोनों मनुष्य को उसकी परमात्मिकता की अनुभूति कराने वाले हैं।” -यह कथन है ?





7➤ ‘श्रीकृष्ण-भक्ति’ शाखा में मधुरा-भक्ति-भावना का समावेश हुआ, निम्नलिखित के अनुकरण में –





8➤ “संसार अपार के पार को, सुगम रूप नौका लियौ। कलि-कुटिल जीव निस्तार हित, बालमीकि तुलसी भयौ।” -यह उक्ति किसकी है ?





9➤ “नखत वेद ग्रह जोरि अरध करि को बरजै हम खात।” से किस खाए जाने वाले पदार्थ का अर्थ निष्पन्न होता है ?





10➤ “कमल दल नैनन की उनमानि। बिसरत नाहि सखी मो मन तें मंद-मंद मुसकानि।” यह पद चरण किसकी रचना है ?





11➤ “बरसे मघा झकोरि-झकोरी। मोर दुइ नैन चुवैं जस ओरी।” इस पंक्ति में आए ‘ओरी’ शब्द का अर्थ है ?





12➤ “पंडित और प्रबीनन कौ जोइ चित्त हरै, सो कवित्त कहावै।” – यह किस कवि का कथन है ?





13➤ “लिखन बैठि जाकी, सबी, गहि-गहि गरब गरूर। भर न कते जगत के चतुर चितेरे कूर” – इस दोहे के संदर्भ में बतालाएं कि निम्नलिखित में से किस कारण से चित्रकार नायिका की छवि (पोट्रेट) को चित्रित करने में सफल नहीं हो पाते थे ?





14➤ “छायावाद पर विचार करते हुए हिंदी के कई प्रतिष्ठित आलोचक निर्देश देते हैं कि हिंदी में छायावाद बंगला साहित्य के अनुकरण पर आया।” इस संदर्भ में कौन-सा विकल्प सही है ?





15➤ “पुरातनता का यह निर्मोक, सहन-करती न प्रकृति पल एक” -यहां ‘निर्मोक’ से अभिप्राय है ?





16➤ “मैं भूल गया अस्तित्व ज्ञान, जीवन का यह शाश्वत प्रमाण करता मुझको अमरत्व दान” – इस पद में अस्तित्व ज्ञान भूल चुके को अमरत्व देने की बात की गयी है। ऐसा संभव होने का आधार है –





17➤ “ लख महा भाव-मंगल पद तल धंस रहा, गर्व-मानव के मन का असुर मन्द हो रहा खर्चा।” इन काव्य पंक्तियों में जो अप्रस्तुत विधान किया गया है, उसका आधार है-





18➤ “अतिरेकवादी पूर्णता की तुष्टि करना कब रहा आसान ?” – मुक्तिबोध का यह कथन किस विशेष मनः स्थिति का द्योतक है ?





19➤ “निज के ही उन्मादक परिमल के पीछे धावित हो-हो कर” वक्तव्य का तात्पर्य है ?





20➤ “यदि श्रद्धा और मनु अर्थात मनन के सहयोग से मानवता का विकास रूपक है तो भी बड़ा भावमय और श्रलाघ्य है।” -यह कथन किसका है ?





21➤ “नागार्जुन की जनवादी छवि सैनिक-कवि का नक्शा लिए अवतरित होती है।” यह कथन है –





22➤ “दुख की पिछली रजनी बीच विकसता सुख का नवल प्रकाश।” किस काव्य-कृति का प्रबोध वाक्य है ?





23➤ ‘चंद्रावली नाटिका’ के रचयिता हैं ?





24➤ “अपने कुकर्मों का फल चखने में कडुआ, परन्तु परिणाम में मधुर होता है।” यह कथन है ?





25➤ “मेरी समझ से तो मेरे शरीर की धातु मिट्टी है। जो किसी के लोभ की सामग्री नहीं और वास्तव में उसी के लिए सब धातु अस्त्र बनकर चलते हैं, लड़ते हैं, टूटते हैं, फिर मिट्टी होते हैं।” – यह हिंदी के किस नाटक में आया हुआ संवाद है ?





26➤ ‘भारत-दुर्दशा’ नाटक की रचना करने के पीछे भारतेंदु जी का उद्देश्य था –





27➤ आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी निबंध की किस विशेष धारा के श्रेष्ठ निबंधकार हैं ?





28➤ ‘गोदान’ उपन्यास में शिक्षक पात्र कौन है ?





29➤ ‘गोदान’ उपन्यास की कथावस्तु की कसावट में कमी आई है –





30➤ यशपाल अपने उपन्यासों में बरबस ही अपनी एक विशेष विचारधारा को ठूंस देते हैं। यह विशेष विचारधारा है –





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