1➤ ‘मैला आंचल’ की भाषा परिनिष्ठित हिंदी के व्याकरण की कसौटी पर जगह-जगह खरी नहीं उतरती, फिर भी अपने जमाने की यह अत्यन्त लोकप्रिय रचना सिद्ध हुई। इसका कारण है कि –
2➤ “बावन ने दो आजाद देशों की-हिंदुस्तान और पाकिस्तान की-ईमानदारी को, इंसानियत को, बस दो डग में नाप लिया।” यह कथन है ?
3➤ “कितने ही सिद्धांत, जो एक जमाने में सत्य समझे जाते थे, आज असत्य सिद्ध हो गए हैं, पर कथाएं आज भी उतनी ही सत्य हैं क्योंकि उनका संबंध मनोभावों से है।” – यह निम्नलिखित में से किसका कथन है ?
4➤ “लड़कपन था, तब मैं उसके समकक्ष था। हममें कोई भेद न था। यह पद पाकर मैं अब केवल उसकी दया के योग्य हूं। वह मुझे अपना जोड़ नहीं समझता। वह बड़ा हो गया है। मैं छोटा हो गया हूं।” – यह निम्नलिखित में से किस कहानी का अंश है ?
5➤ “भरि रही भनक बनक ताल तालन की। तनक-तनक तामें खनक चुरीन की।” ये किस कवि के छंद की पंक्तियां हैं ?
6➤ अपभ्रंश भाषाओं का विकास हुआ ?
7➤ अवधी भाषा की शब्दावली को साहित्य की परिनिष्ठित शब्दावली बनाने का प्रथम श्रेय इन्हें दिया जाता है ?
8➤ खड़ी बोली गद्य का विकास होना आरम्भ हुआ ?
9➤ खड़ी बोली गद्य के विकास का मूल आधार बना ?
10➤ हिंदी को संघ की राजभाषा बनाने का जो प्रस्ताव संसद में पारित हुआ, उसके प्रस्तावक थे ?
11➤ मानक भाषा किसी भाषा का वह रूप होता है, जिससे –
12➤ भारतीय भाषाओं के भाषा-सर्वेक्षण का कार्य-संपादन एवं कई खण्डों में उसका प्रकाशन निम्नलिखित विद्वान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ –
13➤ हिंदी की वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली निर्माण का कार्य करने वाली संस्था का नाम है ?
14➤ कुमायूंनी भाषा-भाषी क्षेत्र है ?
15➤ भोजपुरी भाषा अपने व्याकरणिक ढांचे में इस भाषा से काफी समानता रखती है ?
16➤ खड़ी बोली के परिनिष्ठित रूप का विशिष्ट भाषा-भाषी क्षेत्र है –
17➤ ब्रज भाषा का आधार भाषा रही है –
18➤ अवधी भाषा की शब्दावली-
19➤ वाक्य-संगठन की दृष्टि से हिंदी भाषा-
20➤ मानक हिंदी व्याकरण में कारक वह व्याकरण कोटि है, जो –
21➤ “मैं अपना काम आप करता हूं।” इस वाक्य में मानक हिंदी व्याकरण की दृष्टि से ‘आप’ पद है –
22➤ एक दूसरे से भिन्न-भिन्न, नए-नए विचारों एवं रचना शैलियों के जो सात कवि प्रयोगवाद के कवि के रूप में प्रसिद्ध हुए, उनकी कविताओं के संग्रह का सही नाम था –
23➤ निम्नलिखित में से उस समालोचक का नाम बतलाएं जो समालोचक के साथ-साथ जनवादी कवि भी है-
24➤ ‘रसखान’ कवि का वास्तविक नाम था-
25➤ ‘छायावाद’ को समग्र रूप से समझने-समझाने वाले प्रारंभिक श्रेष्ठ समीक्षक हैं-










