भारतेंदु युग (MCQ) भाग-3

1➤ भारतेंदु युगीन साहित्यकारों ने उपन्यास रचना की प्रेरणा प्राप्त की ?





2➤ भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा खड़ी बोली में रचित कविता है ?





3➤ भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने अपनी किस कविता में विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार की प्रत्यक्ष रूप से प्रेरणा दी है ?





4➤ भारतेंदु कृत ‘तदीय सर्वस्व’ किसका अनुवाद है ?





5➤ भारतेंदु ने अपनी कविता ‘गंगा वर्णन’ में किसका परिचय दिया है ?





6➤ निम्नलिखित में से किसे भारतेन्दु कालीन आलोचक नहीं कहा जा सकता ?





7➤ भारतेन्दु कृत ‘प्रेम सरोवर’ क्या है ?





8➤ “अंग्रेज राज सुख साज सजे सब भारी। पै धन विदेश चलि जात इहै अति ख्वारी।” भारतेन्दु ने किस नाटक के आरम्भ में उक्त पंक्तियां उल्लिखित की हैं ?





9➤ ‘भारतेंदु नाटक मण्डली’ द्वारा अभिनीत पहला नाटक था ?





10➤ भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना ‘हिंदी भाषा’ का प्रकाशन वर्ष है ?





11➤ निम्नलिखित में से भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना नहीं है ?





12➤ लाला श्रीनिवास दास के ‘संयोगिता स्वयंवर’ की सच्ची समालोचना किसने की थी ?





13➤ ‘हिंदी नई चाल में ढली’ – भारतेंदु की यह पंक्ति किस पुस्तक से ली गई है ?





14➤ ‘आठ मास बीते, जजमान! अब तौ करौ दच्छिना दान।’ पंक्तियों का संबंध किस संपादक से है ?





15➤ भारतेंदु जी ने किस नाटक में स्वयं अभिनय किया है ?





16➤ आचार्य रामचंद्र शुक्ल की दृष्टि में किस युग के लेखकों की दृष्टि व्याकरण के नियमों पर अच्छी तरह नहीं जमी थी ?





17➤ “भारतेंदु ने जिस प्रकार हिंदी गद्य की भाषा का परिष्कार किया, उसी प्रकार काव्य की ब्रजभाषा का भी।” इस पंक्ति के लेखक कौन हैं ?





18➤ भारतेंदु हरिश्चंद्र के निम्नलिखित रूपकों में से ‘भाण’ कौन-सा है?





19➤ भारतेंदु ने अपने किस नाटक को ‘नाट्य रासक जा लास्य रूपक’ की संज्ञा दी ?





20➤ भारतेन्दु के अनुसार हिंदी नयी चाल में कब ढली ?





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