
35वां सरस्वती सम्मान
35वें सरस्वती सम्मान की घोषणा हो चुकी है। इस बार यह प्रतिष्ठित सम्मान बांग्ला लेखक रामकुमार मुखोपाध्याय को उनके उपन्यास ‘हरा पार्वती कथा’ के लिए दिया जाएगा। यह उपन्यास 2020 में प्रकाशित हुआ था। इसमें संस्कृति, पौराणिक कथाओं और समाज के विषयों को दर्शाया गया है।

रामकुमार मुखोपाध्याय का जन्म 1956 में कोलकाता में हुआ था। इनके अब तक नौ उपन्यास और 11 कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इन्होंने साहित्य अकादमी में पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत के क्षेत्रीय सचिव के रूप में और विश्वभारती में प्रकाशन विभाग के निदेशक के रूप में कार्य किया। इन्हें बंकिम चंद्र स्मृति पुरस्कार, आनंद पुरस्कार और बांग्ला अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान समय में यह शरत समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।










