सन् 1565 ई. में विट्ठलनाथ के द्वारा अष्टछाप की स्थापना की गई। इसमें आठ कवियों को शामिल किया गया , जिनमें 4 बल्लभाचार्य के शिष्य थे और 4 विट्ठलनाथ के। ये आठ कवि इस प्रकार हैं-
बल्लभाचार्य के शिष्य
| क्र.स. | कवि |
|---|---|
| 1 | कुंभनदास |
| 2 | सूरदास |
| 3 | परमानन्ददास |
| 4 | कृष्णदास |
विट्ठलनाथ के शिष्य
| क्र.स. | कवि |
|---|---|
| 1 | गोविन्दस्वामी |
| 2 | छीतस्वामी |
| 3 | चतुर्भुजदास |
| 4 | नन्ददास |










