भक्तिकाल में कई ऐसे संप्रदाय हुए, जिन्होंने अपनी विचारधारा से लोगों को प्रभावित किया। निम्नलिखित सूची में इन्हीं संप्रदायों और इनके प्रवर्तकों के नामों को प्रकाशित किया गया है।
| क्र.स. | सम्प्रदाय का नाम | प्रवर्तक का नाम |
|---|---|---|
| 1 | विशिष्टाद्वैतवाद | रामानुजाचार्य |
| 2 | शुद्धाद्वैतवाद | विष्णुस्वामी |
| 3 | द्वैतवाद (ब्रह्म सम्प्रदाय) | मध्वाचार्य |
| 4 | द्वैताद्वैतवाद | निम्बार्काचार्य |
| 5 | श्री सम्प्रदाय | रामानुजाचार्य |
| 6 | सखी सम्प्रदाय | स्वामी हरिदास |
| 7 | गौड़ीय सम्प्रदाय (चैतन्य सम्प्रदाय) | चैतन्य महाप्रभु |
| 8 | रूद्र सम्प्रदाय | विष्णु स्वामी |
| 9 | हरिदासी सम्प्रदाय | स्वामी हरिदास |
| 10 | रामावत सम्प्रदाय | रामानन्द |
| 11 | राधाबल्लभी सम्प्रदाय | स्वामी हित हरिवंश |
| 12 | अद्वैतवाद | शंकराचार्य |










