हिंदी साहित्य में ‘तार सप्तक’ के प्रकाशन के बाद ही ‘प्रयोगवाद’ का प्रारम्भ माना जाता है। अज्ञेय के संपादन में चार सप्तक प्रकाशित हुए। इनमें से प्रथम सप्तक ‘तार सप्तक’ 1943ई. में, दूसरा सप्तक 1951ई. में, तीसरा सप्तक 1959ई. में और चौथा सप्तक 1979ई. में प्रकाशित हुआ। इन सभी सप्तकों में सात-सात कवियों को शामिल किया गया। जिनके नाम इस प्रकार हैं-
तार सप्तक (1943ई.)
| क्र.स. | कवि |
|---|---|
| 1 | गजानन माधव मुक्तिबोध |
| 2 | नेमिचंद्र जैन |
| 3 | भारत भूषण अग्रवाल |
| 4 | प्रभाकर माचवे |
| 5 | गिरिजाकुमार माथुर |
| 6 | रामविलास शर्मा |
| 7 | अज्ञेय |
दूसरा सप्तक (1951ई.)
| क्र.स. | कवि |
|---|---|
| 1 | भवानी प्रसाद मिश्र |
| 2 | शकुन्त माथुर |
| 3 | हरिनारायण व्यास |
| 4 | शमशेर बहादुर सिंह |
| 5 | नरेश मेहता |
| 6 | रघुवीर सहाय |
| 7 | धर्मवीर भारती |
तीसरा सप्तक (1959ई.)
| क्र.स. | कवि |
|---|---|
| 1 | कुंवर नारायण |
| 2 | कीर्ति चौधरी |
| 3 | सर्वेश्वर दयाल सक्सेना |
| 4 | मदन वात्स्यायन |
| 5 | प्रयाग नारायण त्रिपाठी |
| 6 | केदारनाथ सिंह |
| 7 | विजयदेव नारायण साही |
चौथा सप्तक (1979ई.)
| क्र.स. | कवि |
|---|---|
| 1 | अवधेश कुमार |
| 2 | राजकुमार कुंभज |
| 3 | स्वदेश भारती |
| 4 | नंदकिशोर आचार्य |
| 5 | सुमन राजे |
| 6 | श्रीराम वर्मा |
| 7 | राजेंद्र किशोर |










