द्विवेदी युग (MCQ) भाग-1

1➤ निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता द्विवेदी युगीन काव्य की नहीं है ?






2➤ “हम कौन थे क्या हो गए हैं और क्या होंगे अभी, आओ विचारें आज मिलकर ये समस्याएं सभी।” उपर्युक्त काव्यपंक्तियां किस कवि की हैं ?






3➤ “अधिकार खोकर बैठ रहना, यह महा दुष्कर्म है। न्यायार्थ अपने बन्धु को भी दण्ड देना धर्म है।” ये काव्य पंक्तियां किस ग्रंथ से उद्धृत हैं ?






4➤ हिन्दी के मानकीकृत स्वरूप पर सबसे पहले किसने विधिवत् विचार किया ?






5➤ “प्रिय की सुधि-सी ये सरिताएं, ये कानन कांतार सुसज्जित। मैं तो नहीं, किन्तु है मेरा हृदय किसी प्रियतम से परिचित। जिसके प्रेमपत्र आते हैं प्रायः सुख संवाद- सन्निहित।” ये काव्य पंक्तियां किस कवि की हैं ?






6➤ “क्षत्रिय ! उठो अब तो कुयश की कालिमा को मेट दो। निज देश को जीवन सहित तन मन तथा धन भेंट दो। वैश्यों सुनो व्यापार सारा मिट चुका है देश का। सब धन विदेशी हर रहे हैं, पार है क्या क्लेश का।” इन काव्य पंक्तियों के रचनाकार हैं ?






7➤ भक्तिकाल में गृहस्थ जीवन का जैसा सुन्दर चित्रण सूरदास में मिलता है वैसा ही आधुनिक काल के किस कवि में यह मिलता है ?






8➤ मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिभा का विकास सर्वाधिक किस साहित्य रूप में देखने को मिलता है ?






9➤ ‘इतिवृत्तात्मकता’ किस काव्य युग की प्रमुख विशेषता है ?






10➤ आधुनिक हिन्दी कविता में द्विवेदी युग की काल सीमा कब से कब तक मानी जाती है ?






11➤ इनमें से कौन सा कवि द्विवेदी युग का है ?






12➤ “करते तुलसीदास भी कैसे मानस नाद ? महावीर का यदि उन्हें मिलता नहीं प्रसाद।” इन पंक्तियों के रचनाकार हैं ?






13➤ द्विवेदी जी ने किस भाषा को कविता के सिंहासन से उतार कर खड़ी बोली को प्रतिष्ठित करने में काफी योगदान दिया ?






14➤ “दिवस का अवसान समीप था। गगन था कुछ लोहित हो चला। तरू शिखा पर थी अब राजती कमलिनी कुल-वल्लभ की प्रभा।” इन काव्य पंक्तियों का संबंध किससे है ?






15➤ ‘साकेत’ की कथा का मुख्य सम्बन्ध किसके चरित्र विकास से जुड़ा है ?






16➤ “विख्यात जीवन-व्रत हमारा लोक-हित एकान्त था, ‘आत्मा अमर है, देह नश्वर’ यह अटल सिद्धांत था।” उपर्युक्त पंक्तियां किस कृति में संग्रहित हैं ?






17➤ किसके साहित्य को हम ‘सरस्वती’ और ‘इंदु’ में जिस प्रयोगात्मक रूप में देखते हैं, वही उस साहित्य का असली रूप है ?






18➤ द्विवेदी युग का वह साहित्यकार, जिन्हें ‘कविता कामिनी कांत’, ‘भारतेन्दु प्रज्ञेन्दु’, ‘साहित्य सुधाकर’ उपधियों से विभूषित किया गया था ?






19➤ हिन्दी में स्वच्छंदतावाद का कवि कौन कहा जाता है ?






20➤ “एक दिन सहसा सिन्धु अपार, लगा टकराने नगतल क्षुब्ध । अकेला यह जीवन निरूपाय, आज तक घूम रहा विश्रब्ध ।” कामायनी से उद्धृत इन पंक्तियों के लिए कौन-सा कथन सही है ?






21➤ निम्नलिखित में से कौन-सी रचना गयाप्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ की नहीं है ?






22➤ ‘द्विवेदी युग’ नामकरण किया गया है ?






23➤ “मेरे चपल यौवन बाल। अचल अंचल में पड़ा सो, मचल कर मत साल।” ये काव्य-पंक्तियां निम्नलिखित में से किसके द्वारा रचित हैं ?






24➤ ‘मधुप’ उपनाम से काव्यानुवाद करने वाले कवि निम्नलिखित में से कौन हैं ?






25➤ मैथिलीशरण गुप्त की निम्नलिखित रचनाओं में से कौन सी अनूदित है , मौलिक नहीं है ?






26➤ “गुप्तजी वास्तव में सामंजस्यवादी कवि हैं, प्रतिक्रिया का प्रदर्शन करने वाले अथवा मद में झूमने (या झीमने) वाले कवि नहीं”- मैथिलीशरण गुप्त पर यह मंतव्य निम्नलिखित विचारकों में से किसका है ?






27➤ “चींटी से लेकर हाथी पर्यन्त पशु, भिक्षु से लेकर राजा पर्यन्त मनुष्य, बिन्दु से लेकर समुद्र पर्यन्त जल, अनंत आकाश अनंत पृथ्वी, अनंत पर्वत-सभी पर कविता हो सकती है।” यह कथन किस विद्वान का है ?






28➤ ‘भारत-भारती’ की रचना का उद्धेश्य क्या है ?






29➤ हरिऔध कृत उस महाकाव्य का नाम लिखिए जिसमें संस्कृत छन्दों का प्रयोग हुआ है ?






30➤ रामनरेश त्रिपाठी द्वारा संकलित-संपादित ‘कविता कौमुदी’ संग्रह से संबंधित कौन सा कथन सही नहीं है ?






31➤ द्विवेदी युगीन कविता के संदर्भ में इनमें से कौन सा कथन गलत है ?






32➤ “कविता प्रभावशाली रचना है जो पाठक या श्रोता के मन पर आनन्ददायी प्रभाव डालती है”- काव्य के संबंध में यह विचार किसके हैं ?






33➤ ‘जकी’ उपनाम (तखल्लुस) से कौन सा प्रसिद्ध हिन्दी कवि उर्दू में गज़लें लिखता था ?






34➤ “उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहां जो सोवत है।” किस ‘अवधी सम्राट’ कवि की रचना है ?






35➤ निम्नलिखित में से एक द्विवेदी युगीन कविता की प्रवृत्ति नहीं है ?






36➤ “यदि द्विवेदी जी न उठ खड़े होते तो जैसे अव्यवस्थित, व्याकरणविरूद्ध और ऊटपटांग भाषा चारों ओर दिखाई पड़ी थी, उसकी परम्परा जल्दी न रूकती।” यह कथन किसका है ?






37➤ “सच्चा प्रेम वही है, जिसकी तृप्ति आत्मबलि पर हो निर्भर। त्याग बिना निष्प्राण प्रेम है, करों प्रेम पर प्राण निछावर।” इन पंक्तियों के रचयिता कौन हैं ?






38➤ “कविता करके तुलसी न लसे, कविता लसी पा तुलसी की कला।” तुलसीदास के लिए यह प्रशस्ति-वचन निम्नलिखित में से किसका है ?






39➤ “वह हृदय नहीं है, पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।” यह प्रसिद्ध काव्यपंक्ति निम्नलिखित में से किस कवि द्वारा रचित है ?






40➤ “अंतः करण की वृत्तियों के चित्र का नाम कविता है।” यह कथन किसका है ?






41➤ ‘आत्माराम’ के छद्म नाम से आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की आलोचना किसने की थी ?






42➤ “अच्छी हिन्दी बस एक ही व्यक्ति लिखता था”- यह कथन किस आलोचक ने किसके बारे में कहा था ?






43➤ द्विवेदी युग को ‘जागरण काल’ किसने कहा है ?






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