रीतिकाल MCQ (भाग-5)

1➤ ‘भूषण बिनु न विराजई, कविता वनिता मित्त’उक्ति में कवि केशव ने अपनी कैसी अभिरूची प्रकट की है ?





2➤ महाराज जसवंत सिंह के द्वारा रचित लक्षण ग्रंथ का नाम है ?





3➤ “अली कली ही सो बंध्यो, आगे कौन हवाल”, उक्ति में कवि बिहारी का कौन सा रूप प्रकट हुआ है ?





4➤ जयपुर नरेश जगत सिंह के आश्रय में रहते हुए पद्माकर ने कौन सा लक्षण-ग्रंथ लिखा था ?





5➤ रामचन्द्र शुक्ल ने पद्माकर की भावमूर्ति विधायिनी कल्पना की प्रशंसा क्यों की है ?





6➤ निम्नलिखित में से कौन-सी रचना घनानन्द की नहीं है ?





7➤ “नीकी दई अनाकनी, फीकी परी गुहारि। तज्यौ मनौ तारन-बिरदु, बारक बारनु तारि।” बिहारी के इस दोहे में व्यक्त भाव है ?





8➤ “कुंदन को रंग फीकौ लगै, झलकै अति अंगन चारू गुराई” यह पंक्ति है ?





9➤ उत्तर मध्यकाल को ‘रीतिकाल’ नाम किसने दिया ?





10➤ “इंद्र जिमि जंभ पर, बाड़व सुअंभ पर, रावण सर्दभ पर, रघुकुल राज है”- ये पंक्ति किसकी हैं ?





11➤ रीतिमुक्तधारा में प्रमुख रहा है ?





12➤ ‘देव’ कृत ‘देवचरित्र’ किसके जीवन से संबंधित प्रबंध काव्य है ?





13➤ ‘कोकसार’ किसकी रचना है ?





14➤ बिहारी सतसई की टीका ‘लाल चंद्रिका’ नाम से किसने की है ?





15➤ बोधा का असली नाम क्या था ?





16➤ “रस कविता को अंग, भूषन है भूषण सकत।” काव्य के संदर्भ में यह पंक्ति किसकी है ?





17➤ निम्न में से कौन सा सुमेलित नहीं है ?





18➤ “बिहारी की भाषा चलती होने पर भी साहित्यिक है।” यह कथन किसका है ?





19➤ ‘युक्ति तरंगिणी’ के रचनाकार कौन हैं ?





20➤ “सघन कुन्ज, छाया सुखद, सीतल मंद समीर”- ये किसकी काव्य पंक्ति है ?





21➤ निम्नलिखित में से कौन-सी रचना कवि देव की नहीं है ?





22➤ निम्नलिखित में से कौन-सी रचना केशवदास की नहीं है ?





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